BNSS धारा 316: आरोपी से पूछताछ का रिकॉर्ड

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 25: पूछताछ और परीक्षण में साक्ष्य

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316. (1) जब भी किसी मजिस्ट्रेट, या सत्र न्यायालय द्वारा अभियुक्त की जांच की जाती है, तो ऐसी पूरी परीक्षा, जिसमें उससे पूछे गए प्रत्येक प्रश्न और उसके द्वारा दिए गए प्रत्येक उत्तर शामिल हैं, पीठासीन न्यायाधीश द्वारा पूर्ण रूप से दर्ज की जाएगी या मजिस्ट्रेट स्वयं या जहां वह शारीरिक या अन्य अक्षमता के कारण ऐसा करने में असमर्थ है, उसके निर्देशन और पर्यवेक्षण के तहत इस संबंध में उसके द्वारा नियुक्त न्यायालय के एक अधिकारी द्वारा किया जाता है।
(2) रिकॉर्ड, यदि व्यवहार्य हो, उस भाषा में होगा जिसमें अभियुक्त से पूछताछ की गई है या, यदि वह व्यावहारिक नहीं है, तो न्यायालय की भाषा में होगा।
(3) रिकॉर्ड अभियुक्त को दिखाया जाएगा या पढ़ा जाएगा, या, यदि वह उस भाषा को नहीं समझता है जिसमें यह लिखा गया है, तो उसे उस भाषा में व्याख्या की जाएगी जिसे वह समझता है, और वह समझाने या समझाने के लिए स्वतंत्र होगा उसके उत्तरों में जोड़ें।
(4) इसके बाद इस पर अभियुक्त और मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो अपने हाथ से प्रमाणित करेगा कि परीक्षा उसकी उपस्थिति और सुनवाई में ली गई थी और रिकॉर्ड में दिए गए बयान का पूरा और सच्चा विवरण है। आरोपी द्वारा:
बशर्ते कि जहां आरोपी हिरासत में है और इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से उसकी जांच की जाती है, ऐसी जांच के बहत्तर घंटे के भीतर उसके हस्ताक्षर लिए जाएंगे।
(5) इस धारा की कोई भी बात सारांश सुनवाई के दौरान किसी आरोपी व्यक्ति की जांच पर लागू नहीं मानी जाएगी।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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