BNSS धारा 322: पक्ष गवाहों से पूछताछ कर सकते हैं

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 25: पूछताछ और परीक्षण में साक्ष्य

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322. (1) इस संहिता के तहत किसी भी कार्यवाही के पक्ष, जिसमें एक कमीशन जारी किया जाता है, क्रमशः किसी भी पूछताछ को लिखित रूप में अग्रेषित कर सकते हैं, जिसे आयोग को निर्देशित करने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट मुद्दे के लिए प्रासंगिक समझ सकता है, और यह मजिस्ट्रेट के लिए वैध होगा, न्यायालय या अधिकारी जिसे आयोग निर्देशित किया जाता है, या जिसे इसे क्रियान्वित करने का कर्तव्य सौंपा जाता है, ऐसी पूछताछ पर गवाह की जांच करने के लिए।
(2) ऐसा कोई भी पक्ष ऐसे मजिस्ट्रेट, न्यायालय या अधिकारी के समक्ष एक वकील के माध्यम से, या यदि हिरासत में नहीं है, तो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो सकता है, और उक्त गवाह की जांच, जिरह और पुन: जांच कर सकता है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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