BNSS धारा 310: वारंट-मामलों में रिकॉर्ड

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 25: पूछताछ और परीक्षण में साक्ष्य

अन्य भाषाओं में भी: English

310. (1) मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाई किए गए सभी वारंट-मामलों में, प्रत्येक गवाह का साक्ष्य, जैसे-जैसे उसकी परीक्षा आगे बढ़ती है, मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं या खुले न्यायालय में अपने श्रुतलेख द्वारा या, जहां वह असमर्थ है, लिखित रूप में लिया जाएगा। शारीरिक या अन्य अक्षमता के कारण ऐसा करने के लिए, उनके निर्देशन और अधीक्षण के तहत, इस संबंध में उनके द्वारा नियुक्त न्यायालय के एक अधिकारी द्वारा:
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत किसी गवाह का साक्ष्य अपराध के आरोपी व्यक्ति के वकील की उपस्थिति में ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी रिकॉर्ड किया जा सकता है।
(2) जहां मजिस्ट्रेट साक्ष्य को हटवाता है, वह एक प्रमाणपत्र दर्ज करेगा कि उप-धारा (1) में निर्दिष्ट कारणों से साक्ष्य को स्वयं नहीं हटाया जा सकता है।
(3) ऐसे साक्ष्य को आम तौर पर एक कथा के रूप में लिया जाएगा; लेकिन मजिस्ट्रेट अपने विवेक से प्रश्न और उत्तर के रूप में ऐसे साक्ष्य के किसी भी हिस्से को हटा सकता है या हटवा सकता है।
(4) इस प्रकार लिए गए साक्ष्य पर मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगे।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ