BNSS धारा 311: सत्र न्यायालय के समक्ष मुकदमे में रिकॉर्ड

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 25: पूछताछ और परीक्षण में साक्ष्य

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311. (1) सत्र न्यायालय के समक्ष सभी परीक्षणों में, प्रत्येक गवाह का साक्ष्य, जैसे-जैसे उसकी परीक्षा आगे बढ़ती है, या तो पीठासीन न्यायाधीश द्वारा स्वयं या खुले न्यायालय में उसके श्रुतलेख द्वारा, या उसके निर्देश के तहत लिखित रूप में लिया जाएगा और अधीक्षण, इस संबंध में उसके द्वारा नियुक्त न्यायालय के एक अधिकारी द्वारा।
(2) इस तरह के साक्ष्य को आम तौर पर एक कथा के रूप में लिया जाएगा, लेकिन पीठासीन न्यायाधीश अपने विवेक से ऐसे साक्ष्य के किसी भी हिस्से को प्रश्न और उत्तर के रूप में हटा सकता है या हटा सकता है।
(3) इस प्रकार लिए गए साक्ष्य पर पीठासीन न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगे।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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