TPA धारा 117: कृषि-प्रयोजनों वाले पट्टों को छूट
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 5: स्थावर संपत्ति के पट्टे
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117. कृषि-प्रयोजनों वाले पट्टों को छूट-
इस अध्याय के उपबंधों में से कोई भी उपबन्ध कृषि-प्रयोजनों वाले पट्टों को वहाँ तक के सिवाय लागू नहीं होता जहाँ तक कि राज्य सरकार शासकीय राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा घोषित कर दे कि ऐसे सब उपबन्ध या उनमें से कोई उपबन्ध ऐसे सब पट्टों या उनमें से किसी के विषय में तत्समय प्रवृत्त स्थानीय विधि के, यदि कोई हो, उपबन्धों के सहित या अध्यधीन लागू होंगे।
ऐसी अधिसूचना तब तक प्रभाव में न आएगी जब तक उसके प्रकाशन की तारीख से छः मास का अवसान न हो जाए।
आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें
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इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 105. पट्टे की परिभाषा
- 106. लिखित संविदा या स्थानीय प्रथा के अभाव में कुछ पट्टों की कालावधि
- 107. पट्टे कैसे किए जाते हैं
- 108. पट्टाकर्त्ता और पट्टेवार के अधिकार और दायित्व
- 109. पट्टाकर्त्ता के अन्तरिती के अधिकार
- 110. उस दिन का अपवर्जन जिससे अवधि का प्रारम्भ होता है
- 111. पट्टे का पर्यवसान
- 112. समपहरण का अधित्यजन
- 113. छोड़ देने की सूचना का अधित्यजन
- 114. भाटक का संदाय न करने के कारण समपहरण से मुक्ति
- 114A. कुछ अन्य दशाओं में समपहरण से मुक्ति
- 115. अभ्यर्पण और समपहरण का उपपट्टों पर प्रभाव
- 116. अतिधारण का प्रभाव