TPA धारा 113: छोड़ देने की सूचना का अधित्यजन
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 5: स्थावर संपत्ति के पट्टे
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113. छोड़ देने की सूचना का अधित्यजन-
धारा 111 के खण्ड (ज) के अधीन दी गयी सूचना जिस व्यक्ति को दी गई है, उस व्यक्ति की अभिव्यक्त या विवक्षित सम्मति से वह उसे देने वाले व्यक्ति के किसी ऐसे कार्य द्वारा, जिससे पट्टे को चालू मानने का उसका आशय दर्शित होता है, अधित्यक्त हो जाती है।
दृष्टान्त
(क) पट्टाकर्ता क पट्टेदार ख को पट्टे पर दी गई सम्पत्ति को छोड़ देने के लिए सूचना देता है। सूचना का अवसान हो जाता है। उस भाटक की निविदा, जो सूचना के अवसान से सम्पत्ति गद्धे शोध्य हुआ हो, ख करता है और क उसे प्रतिगृहीत कर लेता है। सूचना अधित्यक्त हो जाती है।
(ख) पट्टाकर्ता क पट्टेदार ख को पट्टे पर दी गयी सम्पत्ति को छोड़ देने के लिए सूचना देता है। सूचना का अवसान हो जाता है और ख अपना कब्जा कायम रखता है। क छोड़ देने की दूसरी सूचना ख को अपने पट्टेदार के नाते देता है। पहली सूचना अधित्यक्त हो जाती है।
आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें
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इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 105. पट्टे की परिभाषा
- 106. लिखित संविदा या स्थानीय प्रथा के अभाव में कुछ पट्टों की कालावधि
- 107. पट्टे कैसे किए जाते हैं
- 108. पट्टाकर्त्ता और पट्टेवार के अधिकार और दायित्व
- 109. पट्टाकर्त्ता के अन्तरिती के अधिकार
- 110. उस दिन का अपवर्जन जिससे अवधि का प्रारम्भ होता है
- 111. पट्टे का पर्यवसान
- 112. समपहरण का अधित्यजन
- 114. भाटक का संदाय न करने के कारण समपहरण से मुक्ति
- 114A. कुछ अन्य दशाओं में समपहरण से मुक्ति
- 115. अभ्यर्पण और समपहरण का उपपट्टों पर प्रभाव
- 116. अतिधारण का प्रभाव
- 117. कृषि-प्रयोजनों वाले पट्टों को छूट