NI Act धारा 45A: खोए हुए विनिमय-पत्र की दूसरी प्रति पाने का धारक का अधिकार

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 3: वचन-पत्रों, विनिमय-पत्रों और चेकों के पक्षकार

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[45क. खोए हुए विनिमय-पत्र की दूसरी प्रति पाने का धारक का अधिकार—जहां कि विनिमय-पत्र अतिशोध्य होने के पूर्व खो गया है वहां जो व्यक्ति उसका धारक था वह उसके लेखीवाल को इस बात के लिए कि जिस विनिमय-पत्र का खो जाना अभिकथित है, उसके पुन: पाए जाने की दशा में सब व्यक्तियों के विरुद्ध, चाहे वे कोई भी हों, लेखीवाल की क्षतिपूर्ति की जाएगी, प्रतिभूति यदि वह अपेक्षित की जाए देकर अपने को वैसा ही दूसरा विनिमय-पत्र देने के लिए आवेदन कर सकेगा ।

यदि लेखीवाल पूर्वोक्त जैसी प्रार्थना पर विनिमय-पत्र की ऐसी दूसरी प्रति देने से इन्कार करे तो वह ऐसा करने के लिए विवश किया जा सकेगा ।]

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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