NI Act धारा 40: पृष्ठांकक के दायित्व का उन्मोचन

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 3: वचन-पत्रों, विनिमय-पत्रों और चेकों के पक्षकार

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40. पृष्ठांकक के दायित्व का उन्मोचन—जहां कि परक्राम्य लिखत का धारक किसी पूर्विक पक्षकार के विरुद्ध पृष्ठांकक के उपचार का नाश या ह्रास पृष्ठांकक की सम्मति के बिना कर देता है, वहां पृष्ठांकक धारक के प्रति दायित्व से उस विस्तार तक उन्मोचित हो जाता है जहां तक वह हो जाता यदि परिपक्वता पर उस लिखत का संदाय कर दिया गया होता ।

दृष्टांत

क के आदेश पर देय रचित विनिमय-पत्र का धारक क है, जिसमें, निम्नलिखित निरंक पृष्ठांकक है :

प्रथम पृष्ठांकक, “ख” ।

द्वितीय पृष्ठांकक, “पीटर विलियम्स” ।

तृतीय पृष्ठांकक, “राइट एण्ड कम्पनी” ।

चतुर्थ पृष्ठांकक, “जान रोजारिओ” ।

इस विनिमय-पत्र पर क जान रोजारिओ के विरुद्ध वाद लाता है और पीटर विलियम्स और राइट एण्ड कं० द्वारा पृष्ठांकन जान रोजारिओ की सम्मति के बिना काट देता है । क जान रोजारिओ से कुछ भी वसूल करने का हकदार नहीं है ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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