NI Act धारा 28: हस्ताक्षर करने वाले अभिकर्ता का दायित्व

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 3: वचन-पत्रों, विनिमय-पत्रों और चेकों के पक्षकार

अन्य भाषाओं में भी: English

28. हस्ताक्षर करने वाले अभिकर्ता का दायित्व—वह अभिकर्ता, जो किसी वचन-पत्र, विनिमय-पत्र या चेक पर अपना नाम उस पर यह उपदर्शित किए बिना कि वह अभिकर्ता की हैसियत से हस्ताक्षर कर रहा है या यह कि उसका आशय एतद्द्वारा वैयक्तिक उत्तरदायित्व उपगत करने का नहीं है, हस्ताक्षरित करता है वह उस लिखत पर वैयक्तिक रूप से दायी है किन्तु वह उन लोगों के प्रति ऐसे दायी नहीं है, जिन्होंने उसे इस विश्वास पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्प्रेरित किया कि केवल मालिक ही दायी ठहराया जाएगा ।

NI Act: मूल हिंदी मार्गदर्शक →

आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ

अध्ययन: व्याख्या और संबंधित सामग्री