BNSS धारा 167: स्थानीय पूछताछ
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 11: सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखना
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167. (1) जब भी धारा 164, धारा 165 या धारा 166 के प्रयोजनों के लिए कोई स्थानीय जांच आवश्यक हो, तो एक जिला मजिस्ट्रेट या उप-विभागीय मजिस्ट्रेट जांच करने के लिए अपने अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट को नियुक्त कर सकता है, और उसे इस तरह की जानकारी दे सकता है। लिखित निर्देश जो उसके मार्गदर्शन के लिए आवश्यक लग सकते हैं, और घोषित कर सकते हैं कि जांच के आवश्यक खर्चों का पूरा या कुछ हिस्सा किसके द्वारा भुगतान किया जाएगा।
(2) इस प्रकार प्रतिनियुक्त व्यक्ति की रिपोर्ट को मामले में साक्ष्य के रूप में पढ़ा जा सकता है।
(3) जब धारा 164, धारा 165 या धारा 166 के तहत कार्यवाही में किसी पक्ष द्वारा कोई लागत खर्च की जाती है, तो मजिस्ट्रेट निर्णय पारित करते हुए निर्देश दे सकता है कि ऐसी लागत का भुगतान किसके द्वारा किया जाएगा, चाहे वह ऐसी पार्टी द्वारा या किसी अन्य पार्टी द्वारा किया जाए। कार्यवाही, और चाहे पूरी तरह से या आंशिक रूप से या अनुपात में और ऐसी लागतों में गवाहों और वकील की फीस के संबंध में किए गए कोई भी खर्च शामिल हो सकते हैं, जिन्हें न्यायालय उचित मान सकता है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 148. नागरिक बल के प्रयोग से सभा को तितर-बितर करना
- 149. सभा को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग
- 150. कुछ सशस्त्र बल अधिकारियों की सभा को तितर-बितर करने की शक्ति
- 151. धारा 148, 149 और 150 के तहत किए गए कार्यों के लिए अभियोजन से सुरक्षा
- 152. उपद्रव हटाने के लिए सशर्त आदेश
- 153. सेवा या आदेश की अधिसूचना
- 154. वह व्यक्ति जिसे आदेश का पालन करने या कारण बताने के लिए संबोधित किया गया है
- 155. धारा 154 का अनुपालन करने में विफलता के लिए जुर्माना
- 156. प्रक्रिया जहां सार्वजनिक अधिकार के अस्तित्व से इनकार किया जाता है
- 157. प्रक्रिया जहां वह व्यक्ति जिसके खिलाफ धारा 152 के तहत आदेश दिया गया है, कारण बताने के लिए प्रकट होता है
- 158. स्थानीय जांच और किसी विशेषज्ञ से पूछताछ का निर्देश देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 159. लिखित निर्देश आदि प्रस्तुत करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 160. आदेश को पूर्ण बनाए जाने पर प्रक्रिया और अवज्ञा के परिणाम
- 161. निषेधाज्ञा की जांच लंबित है
- 162. मजिस्ट्रेट सार्वजनिक उपद्रव की पुनरावृत्ति या जारी रखने पर रोक लगा सकता है
- 163. उपद्रव या आशंकित खतरे के अत्यावश्यक मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति
- 164. प्रक्रिया जहां भूमि या पानी से संबंधित विवाद से शांति भंग होने की संभावना हो
- 165. विवाद के विषय को कुर्क करने और रिसीवर नियुक्त करने की शक्ति
- 166. भूमि या पानी के उपयोग के अधिकार से संबंधित विवाद