BNSS धारा 149: सभा को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 11: सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखना
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149. (1) यदि धारा 148 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी भी सभा को अन्यथा तितर-बितर नहीं किया जा सकता है, और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि उसे तितर-बितर किया जाए, तो जिला मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा अधिकृत कोई अन्य कार्यकारी मजिस्ट्रेट , जो मौजूद है, सशस्त्र बलों द्वारा इसे तितर-बितर करने का कारण बन सकता है।
(2) ऐसा मजिस्ट्रेट सशस्त्र बलों से संबंधित व्यक्तियों के किसी भी समूह के कमांडिंग अधिकारी से अपेक्षा कर सकता है कि वह अपने आदेश के तहत सशस्त्र बलों की मदद से सभा को तितर-बितर कर दे, और कार्यकारी के रूप में इसका हिस्सा बनने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार और कैद कर ले। मजिस्ट्रेट भीड़ को तितर-बितर करने या उन्हें कानून के अनुसार दंडित करने के लिए गिरफ्तार करने और कैद करने का निर्देश दे सकता है, या जैसा आवश्यक हो सकता है।
(3) सशस्त्र बलों का प्रत्येक ऐसा अधिकारी इस तरह की आवश्यकता का उस तरीके से पालन करेगा जैसा वह उचित समझता है, लेकिन ऐसा करने में वह कम से कम बल का उपयोग करेगा, और व्यक्ति और संपत्ति को कम से कम नुकसान पहुंचाएगा, जो तितर-बितर करने के अनुरूप हो सकता है। इकट्ठा होना और ऐसे व्यक्तियों को गिरफ्तार करना और हिरासत में लेना।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 148. नागरिक बल के प्रयोग से सभा को तितर-बितर करना
- 150. कुछ सशस्त्र बल अधिकारियों की सभा को तितर-बितर करने की शक्ति
- 151. धारा 148, 149 और 150 के तहत किए गए कार्यों के लिए अभियोजन से सुरक्षा
- 152. उपद्रव हटाने के लिए सशर्त आदेश
- 153. सेवा या आदेश की अधिसूचना
- 154. वह व्यक्ति जिसे आदेश का पालन करने या कारण बताने के लिए संबोधित किया गया है
- 155. धारा 154 का अनुपालन करने में विफलता के लिए जुर्माना
- 156. प्रक्रिया जहां सार्वजनिक अधिकार के अस्तित्व से इनकार किया जाता है
- 157. प्रक्रिया जहां वह व्यक्ति जिसके खिलाफ धारा 152 के तहत आदेश दिया गया है, कारण बताने के लिए प्रकट होता है
- 158. स्थानीय जांच और किसी विशेषज्ञ से पूछताछ का निर्देश देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 159. लिखित निर्देश आदि प्रस्तुत करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 160. आदेश को पूर्ण बनाए जाने पर प्रक्रिया और अवज्ञा के परिणाम
- 161. निषेधाज्ञा की जांच लंबित है
- 162. मजिस्ट्रेट सार्वजनिक उपद्रव की पुनरावृत्ति या जारी रखने पर रोक लगा सकता है
- 163. उपद्रव या आशंकित खतरे के अत्यावश्यक मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति
- 164. प्रक्रिया जहां भूमि या पानी से संबंधित विवाद से शांति भंग होने की संभावना हो
- 165. विवाद के विषय को कुर्क करने और रिसीवर नियुक्त करने की शक्ति
- 166. भूमि या पानी के उपयोग के अधिकार से संबंधित विवाद
- 167. स्थानीय पूछताछ