BNSS धारा 156: प्रक्रिया जहां सार्वजनिक अधिकार के अस्तित्व से इनकार किया जाता है
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 11: सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखना
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156. (1) जहां किसी भी रास्ते, नदी, चैनल या स्थान के उपयोग में जनता के लिए बाधा, उपद्रव या खतरे को रोकने के उद्देश्य से धारा 152 के तहत कोई आदेश दिया जाता है, मजिस्ट्रेट उसके सामने पेश होने पर जिस व्यक्ति के खिलाफ आदेश दिया गया था, उससे सवाल करें कि क्या वह रास्ते, नदी, चैनल या स्थान के संबंध में किसी सार्वजनिक अधिकार के अस्तित्व से इनकार करता है, और यदि वह ऐसा करता है, तो मजिस्ट्रेट धारा 157 के तहत कार्यवाही करने से पहले पूछताछ करेगा। मामले में.
(2) यदि ऐसी जांच में मजिस्ट्रेट को पता चलता है कि इस तरह के इनकार के समर्थन में कोई विश्वसनीय सबूत है, तो वह कार्यवाही पर रोक लगा देगा जब तक कि ऐसे अधिकार के अस्तित्व का मामला सक्षम न्यायालय द्वारा तय नहीं किया जाता है; और, यदि उसे पता चलता है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है, तो वह धारा 157 में निर्धारित अनुसार आगे बढ़ेगा।
(3) एक व्यक्ति जो उप-धारा (1) के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा पूछताछ किए जाने पर, उसमें निर्दिष्ट प्रकृति के सार्वजनिक अधिकार के अस्तित्व से इनकार करने में विफल रहा है, या जो ऐसा इनकार करने के बाद भी ऐसा करने में विफल रहा है उसके समर्थन में विश्वसनीय साक्ष्य, बाद की कार्यवाही में इस तरह के किसी भी खंडन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 148. नागरिक बल के प्रयोग से सभा को तितर-बितर करना
- 149. सभा को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बलों का उपयोग
- 150. कुछ सशस्त्र बल अधिकारियों की सभा को तितर-बितर करने की शक्ति
- 151. धारा 148, 149 और 150 के तहत किए गए कार्यों के लिए अभियोजन से सुरक्षा
- 152. उपद्रव हटाने के लिए सशर्त आदेश
- 153. सेवा या आदेश की अधिसूचना
- 154. वह व्यक्ति जिसे आदेश का पालन करने या कारण बताने के लिए संबोधित किया गया है
- 155. धारा 154 का अनुपालन करने में विफलता के लिए जुर्माना
- 157. प्रक्रिया जहां वह व्यक्ति जिसके खिलाफ धारा 152 के तहत आदेश दिया गया है, कारण बताने के लिए प्रकट होता है
- 158. स्थानीय जांच और किसी विशेषज्ञ से पूछताछ का निर्देश देने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 159. लिखित निर्देश आदि प्रस्तुत करने की मजिस्ट्रेट की शक्ति
- 160. आदेश को पूर्ण बनाए जाने पर प्रक्रिया और अवज्ञा के परिणाम
- 161. निषेधाज्ञा की जांच लंबित है
- 162. मजिस्ट्रेट सार्वजनिक उपद्रव की पुनरावृत्ति या जारी रखने पर रोक लगा सकता है
- 163. उपद्रव या आशंकित खतरे के अत्यावश्यक मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति
- 164. प्रक्रिया जहां भूमि या पानी से संबंधित विवाद से शांति भंग होने की संभावना हो
- 165. विवाद के विषय को कुर्क करने और रिसीवर नियुक्त करने की शक्ति
- 166. भूमि या पानी के उपयोग के अधिकार से संबंधित विवाद
- 167. स्थानीय पूछताछ