BNSS धारा 70: ऐसे मामलों में और जब सेवारत अधिकारी उपस्थित न हो तो सेवा का प्रमाण

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 6: उपस्थिति के लिए बाध्य करने की प्रक्रियाएं

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70. (1) जब किसी न्यायालय द्वारा जारी किया गया समन उसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र के बाहर परोसा जाता है, और किसी भी मामले में जहां समन तामील करने वाला अधिकारी मामले की सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है, तो एक हलफनामा, जिसका उद्देश्य अदालत के समक्ष दिया जाना है। मजिस्ट्रेट, कि ऐसे समन की तामील हो चुकी है, और समन की एक डुप्लिकेट जिसका तात्पर्य उस व्यक्ति द्वारा पृष्ठांकित होना है (धारा 64 या धारा 66 द्वारा प्रदान की गई तरीके से) जिसे इसे वितरित या प्रस्तुत किया गया था या जिसके पास इसे छोड़ा गया था, दी जाएगी। साक्ष्य में स्वीकार्य है, और उसमें दिए गए बयान तब तक सही माने जाएंगे जब तक कि विपरीत साबित न हो जाए।
(2) इस धारा में उल्लिखित शपथ पत्र को समन की प्रति के साथ संलग्न किया जा सकता है और न्यायालय को लौटाया जा सकता है।
(3) धारा 64 से 71 (दोनों सम्मिलित) के तहत इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से दिए गए सभी समन को विधिवत तामील माना जाएगा और ऐसे समन की एक प्रति सत्यापित की जाएगी और समन की सेवा के प्रमाण के रूप में रखी जाएगी।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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