BSA धारा 92: तीस वर्ष पुराने दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 5: दस्तावेजी साक्ष्य के विषय में
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92. जहां कोई दस्तावेज, जिसका तीस वर्ष पुराना होना तात्पर्यित है या साबित किया गया है, ऐसी किसी अभिरक्षा में से, जिसे न्यायालय उस विशिष्ट मामले में उचित समझता है, पेश किया गया है, वहां न्यायालय यह उपधारित कर सकेगा कि ऐसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर और उसका हर अन्य भाग, जिसका किसी विशिष्ट व्यक्ति के हस्तलेख में होना तात्पर्यथित है, उस व्यक्ति के हस्तलेख में है, और निष्पादित या अनुप्रमाणित दस्तावेज होने की दशा में यह उपधारित कर सकेगा कि वह उन व्यक्तियों दवारा सम्यक् रूप में निष्पादित और अनुप्रमाणित किया गया था, जिनके द्वारा उसका
निष्पादित और अनुप्रमाणित होना तात्पर्यित है ।
स्पष्टीकरण--धारा 80 का स्पष्टीकरण इस धारा को भी लागू होगा |
दृष्टांत
(क) क भू-सम्पत्ति पर दीर्घकाल से कब्जा रखता आया है | यह उस भूमि सम्बन्धी विलेख, जिनसे उस भूमि पर उसका हक दर्शित है, अपनी अभिरक्षा में से पेश करता है । यह अभिरक्षा उचित होगी ।
(ख) क उस भूसम्पत्ति से सम्बद्ध विलेख, जिनका वह बन्धकदार है, पेश करता है | बंधककर्ता सम्पत्ति पर कब्जा रखता है | यह अभिरक्षा उचित होगी ।
(ग) ख का संसर्गी क, ख के कब्जे वाली भूमि से सम्बन्धित विलेख पेश करता है, जिन्हें ख ने उसके पास सुरक्षित अभिरक्षा के लिए निक्षिप्त किया था | यह अभिरक्षा उचित होगी ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 56. दस्तावेजों की अन्तर्वस्तु का सबूत
- 57. प्राथमिक साक्ष्य
- 58. दिवतीयक साक्ष्य
- 59. दस्तावेजों का प्राथमिक साक्ष्य द्वारा साबित किया जाना
- 60. अवस्थाएं जिनमें दस्तावेजों के सम्बन्ध में दिवतीयक साक्ष्य दिया जा सकेगा
- 61. इलैक्ट्रानिक या डिजिटल अभिलेख
- 62. इलैक्ट्रानिक अभिलेख से संबंधित साक्ष्य के बारे में विशेष उपबंध
- 63. इलैक्ट्रानिक अभिलेखों की ग्राहययता
- 64. पेश करने की सूचना के बारे में नियम
- 65. जिस व्यक्ति के बारे में अभिकथित है कि उसने पेश की गई दस्तावेज को हस्ताक्षरित किया था या लिखा था उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या हस्तलेख का साबित किया जाना
- 66. इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर के बारे में सबूत
- 67. ऐसे दस्तावेज के निष्पादन का साबित किया जाना, जिसका अनुप्रमाणित होना विधि दवारा अपेक्षित है
- 68. जब किसी भी अनुप्रमाणक साक्षी का पता न चले, तब सबूत
- 69. अनुप्रमाणित दस्तावेज के पक्षकार द्वारा निष्पादन की स्वीकृति
- 70. जबकि अनुप्रमाणक साक्षी निष्पादन का प्रत्याख्यान करता है, तब सबूत
- 71. उस दस्तावेज का साबित किया जाना जिसका अनुप्रमाणित होना विधि दूवारा अपेक्षित नहीं है
- 72. हस्ताक्षर, लेख या मुद्रा की तुलना अन्यों से जो स्वीकृत या साबित हैं
- 73. डिजिटल हस्ताक्षर के सत्यापन के बारे में सबूत
- 74. लोक और प्राइवेट दस्तावेज
- 75. लोक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां
- 76. प्रमाणित प्रतियों के पेश करने द्वारा दस्तावेजों का सबूत
- 77. अन्य शासकीय दस्तावेजों का सबूत
- 78. प्रमाणित प्रतियों के असली होने के बारे में उपधारणा
- 79. साक्ष्य, आदि के अभिलेख के तौर पर पेश की गई दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
- 80. राजपत्रों, समाचारपत्रों, और अन्य दस्तावेजों के बारे में उपधारणा
- 81. इलैक्ट्रानिक या डिजिटल अभिलेख में राजपत्र के बारे में उपधारणा
- 82. सरकार के प्राधिकार द्वारा बनाए गए मानचित्रों या रेखांकों के बारे में उपधारणा
- 83. विधियों के संग्रह और विनिश्चयों की रिपोर्टों के बारे में उपधारणा
- 84. मुख्तारनामों के बारे में उपधारणा
- 85. इलैक्ट्रानिक करारों के बारे में उपधारणा
- 86. इलैक्ट्रानिक अभिलेखों और इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर के बारे में उपधारणा
- 87. इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर प्रमाणपत्रों के बारे में उपधारणा
- 88. विदेशी न्यायिक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियों के बारे में उपधारणा
- 89. पुस्तकों, मानचित्रों और चार्टों के बारे में उपधारणा
- 90. इलैक्ट्रानिक संदेशों के बारे में उपधारणा
- 91. पेश न किए गए दस्तावेजों के सम्यक् निष्पादन आदि के बारे में उपधारणा
- 93. पांच वर्ष पुराने इलैक्ट्रानिक अभिलेखों के बारे में उपधारणा