BSA धारा 115: कतिपय अपराधों के बारे में उपधारणा
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 7: सबूत के भार के विषय में
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115. (1) जहां कोई व्यक्ति उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट ऐसे किसी अपराध के,-
(क) ऐसे किसी क्षेत्र में, जिसे उपद्रव को दबाने के लिए और लोक व्यवस्था की बहाली और उसे बनाए रखने के लिए उपबंध करने वाली तत्समय प्रवृत्त किसी अधिनियमिति के अधीन विक्षुब्ध क्षेत्र घोषित किया गया है; या
(ख) ऐसे किसी क्षेत्र में, जिसमें एक मास से अधिक की अवधि के लिए लोक शांति में व्यापक विघ्न रहा है,
किए जाने का अभियुकत है और यह दर्शित किया जाता है कि ऐसा व्यक्ति ऐसे क्षेत्र में किसी स्थान पर ऐसे समय पर था जब ऐसे किसी सशस्त्र बल या बलों के, जिन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने का भार सौंपा गया है, ऐसे सदस्यों पर जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, आक्रमण करने के लिए या उनका प्रतिरोध करने के लिए उस स्थान पर या उस स्थान से अग्न्यायुधों या विस्फोटक का प्रयोग किया गया था, वहां जब तक तत्प्रतिकूल दर्शित नहीं किया जाता यह उपधारणा की जाएगी कि ऐसे व्यक्ति ने ऐसा अपराध किया है ।
(2) उपधारा (1) मेँ निर्दिष्ट अपराध निम्नलिखित हैं, अर्थात् :-
(क) भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 147, धारा 148, धारा 149 या धारा 150 के अधीन कोई अपराध ;
(ख) आपराधिक षड़यंत्र या भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 149 या धारा 150 के अधीन कोई अपराध करने का प्रयत्न या उसका दुष्प्रेरण ।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 104. सबूत का भार
- 105. सबूत का भार किस पर होता है
- 106. विशिष्ट तथ्य के बारे में सबूत का भार
- 107. साक्ष्य को ग्राहय बनाने के लिए जो तथ्य साबित किया जाना हो, उसे साबित करने का भार
- 108. यह साबित करने का भार कि अभियुक्त का मामला अपवादों के अन्तर्गत आता है
- 109. विशेषत: ज्ञात तथ्य को साबित करने का भार
- 110. उस व्यक्ति की मृत्यु साबित करने का भार जिसका तीस वर्ष के भीतर जीवित होना ज्ञात है
- 111. यह साबित करने का भार कि वह व्यक्ति, जिसके बारे में सात वर्ष से कुछ सुना नहीं गया है, जीवित है
- 112. भागीदारों, भू-स्वामी और अभिधारी, मालिक और अभिकर्ता के मामलों में सबूत का भार
- 113. स्वामित्व के बारे में सबूत का भार
- 114. उन संव्यवहारों में सद्भाव का साबित किया जाना जिनमें एक पक्षकार का सम्बन्ध सक्रिय विश्वास का है
- 116. विवाहित स्थिति के दौरान जन्म होना धर्मजत्व का निश्चायक सबूत है
- 117. किसी विवाहित स्त्री द्वारा आत्महत्या के दुष्प्रेरण के बारे में उपधारणा
- 118. दहेज मृत्यु के बारे में उपधारणा
- 119. न्यायालय किन्हीं तथ्यों का अस्तित्व उपधारित कर सकेगा
- 120. बलात्संग के लिए कतिपय अभियोजन में सम्मति के न होने की उपधारणा