BSA धारा 105: सबूत का भार किस पर होता है

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 7: सबूत के भार के विषय में

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105. किसी वाद या कार्यवाही में सबूत का भार उस व्यक्ति पर होता है जो असफल हो जाएगा, यदि दोनों में से किसी भी ओर से कोई भी साक्ष्य न दिया जाए |

दृष्टांत

(क) ख पर उस भूमि के लिए क वाद लाता है जो ख के कब्जे में है और जिसके बारे में क प्र्यान करता है कि वह ख के पिता ग को विल द्वारा क के लिए दी गई थी | यदि किसी भी ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया जाए, तो ख इसका हकदार होगा कि वह अपना कब्जा रखे रहे | अत: सबूत का भार क पर है |

(ख) ख पर एक बन्धपत्र मद॒दे शोध्य धन के लिए क वाद लाता है | उस बन्धपत्र का निष्पादन स्वीकृत है किन्तु ख कहता है कि वह कपट दूवारा अभिप्राप्त किया गया था, जिस बात का क प्रत्याख्यान करता है | यदि दोनों में से किसी भी ओर से कोई साबित नहीं किया गया | अतः सबूत का भार ख पर है ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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