BSA अध्याय 10: साक्षियों की परीक्षा के विषय में

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  1. धारा 140. साक्षियों के पेशकरण और उनकी परीक्षा का क्रम
  2. धारा 141. न्यायाधीश साक्ष्य की ग्राहययता के बारे में निश्चय करेगा
  3. धारा 142. साक्षियों की परीक्षा
  4. धारा 143. परीक्षाओं का क्रम
  5. धारा 144. किसी दस्तावेज को पेश करने के लिए बुलाए गए व्यक्ति की प्रतिपरीक्षा
  6. धारा 145. शील का साक्ष्य देने वाले साक्षी
  7. धारा 146. सूचक प्रश्न
  8. धारा 147. लेखबदूध विषयों के बारे में साक्ष्य
  9. धारा 148. पूर्वतन लेखबद्ध कथनों के बारे में प्रतिपरीक्षा
  10. धारा 149. प्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्न
  11. धारा 150. साक्षी को उत्तर देने के लिए कब विवश किया जाए
  12. धारा 151. न्यायालय विनिश्चित करेगा कि कब प्रश्न पूछा जाएगा और साक्षी को उत्तर देने के लिए कब विवश किया जाएगा
  13. धारा 152. युक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न न पूछा जाएगा
  14. धारा 153. युक्तियुक्त आधारों के बिना प्रश्न पूछे जाने की अवस्था में न्यायालय की प्रक्रिया
  15. धारा 154. अशिष्ट और कलंकात्मक प्रश्न
  16. धारा 155. अपमानित या क्षुब्ध करने के लिए आशयित प्रश्न
  17. धारा 156. सत्यवादिता परखने के प्रश्नों के उत्तरों का खण्डन करने के लिए साक्ष्य का अपवर्जन
  18. धारा 157. पक्षकार द्वारा अपने ही साक्षी से प्रश्न
  19. धारा 158. साक्षी की विश्वसनीयता पर अधिक्षेप
  20. धारा 159. सुसंगत तथ्य के साक्ष्य की सम्पुष्टि करने की प्रवृत्ति रखने वाले प्रश्न ग्राहय होंगे
  21. धारा 160. उसी तथ्य के बारे में पश्चातवर्ती अभिसाक्ष्य की संपुष्टि करने के लिए साक्षी के पूर्वतन कथन साबित किए जा सकेंगे
  22. धारा 161. साबित कथन के बारे में, जो कथन धारा 26 या धारा 27 के अधीन सुसंगत है, कौन सी बातें साबित की जा सकेगी
  23. धारा 162. स्मृति ताजी करना
  24. धारा 163. धारा 162 में वर्णित दस्तावेज में कथित तथ्यों के लिए परिसाक्ष्य
  25. धारा 164. स्मृति ताजी करने के लिए प्रयुक्त लेख के बारे में प्रतिपक्षी का अधिकार
  26. धारा 165. दस्तावेजों का पेश किया जाना
  27. धारा 166. मंगाई गई और सूचना पर पेश की गई दस्तावेज का साक्ष्य के रूप में दिया जाना
  28. धारा 167. सूचना पाने पर जिसे दस्तावेज के पेश करने से इंकार कर दिया गया है उसको साक्ष्य के रूप में उपयोग में लाना
  29. धारा 168. प्रश्न करने या पेश करने का आदेश देने की न्यायाधीश की शक्ति