BNSS धारा 7: प्रादेशिक विभाजन
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 2: आपराधिक अदालतों और कार्यालयों का गठन
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7. (1) प्रत्येक राज्य एक सत्र प्रभाग होगा या इसमें सत्र प्रभाग शामिल होंगे; और प्रत्येक सत्र प्रभाग, इस संहिता के प्रयोजनों के लिए, एक जिला होगा या जिलों से मिलकर बना होगा।
(2) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय के परामर्श के बाद, ऐसे प्रभागों और जिलों की सीमा या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(3) राज्य सरकार, उच्च न्यायालय के परामर्श के बाद, किसी भी जिले को उप-विभागों में विभाजित कर सकती है और ऐसे उप-विभाजनों की सीमा या संख्या में परिवर्तन कर सकती है।
(4) इस संहिता के प्रारंभ में किसी राज्य में मौजूद सत्र मंडल, जिले और उप-मंडल इस धारा के तहत गठित माने जाएंगे।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 6. आपराधिक न्यायालयों की श्रेणियां
- 8. सत्र न्यायालय
- 9. न्यायिक मजिस्ट्रेटों के न्यायालय
- 10. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आदि
- 11. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
- 12. न्यायिक मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 13. न्यायिक मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 14. कार्यकारी मजिस्ट्रेट
- 15. विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट
- 16. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 17. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 18. लोक अभियोजक
- 19. सहायक लोक अभियोजक
- 20. अभियोजन निदेशालय