BNSS धारा 14: कार्यकारी मजिस्ट्रेट

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 2: आपराधिक अदालतों और कार्यालयों का गठन

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14. (1) प्रत्येक जिले में, राज्य सरकार उतने व्यक्तियों को नियुक्त कर सकती है जितने वह कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में उचित समझे और उनमें से एक को जिला मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त करेगी।
(2) राज्य सरकार किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नियुक्त कर सकती है, और ऐसे मजिस्ट्रेट के पास इस संहिता के तहत या उस समय लागू किसी अन्य कानून के तहत जिला मजिस्ट्रेट की ऐसी शक्तियां होंगी जैसा कि निर्देशित किया जा सकता है। राज्य सरकार.
(3) जब भी, जिला मजिस्ट्रेट का कार्यालय रिक्त होने के परिणामस्वरूप, कोई अधिकारी अस्थायी रूप से जिले के कार्यकारी प्रशासन में सफल होता है, तो ऐसा अधिकारी, राज्य सरकार के आदेश लंबित रहने तक, सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा और सभी कर्तव्यों का पालन करेगा इस संहिता द्वारा क्रमशः जिला मजिस्ट्रेट को प्रदान और अधिरोपित किया गया।
(4) राज्य सरकार एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट को एक उप-विभाजन का प्रभारी बना सकती है और अवसर की आवश्यकता के अनुसार उसे प्रभार से मुक्त कर सकती है; और किसी उप-विभाग के प्रभारी बनाए गए मजिस्ट्रेट को उप-विभागीय मजिस्ट्रेट कहा जाएगा।
(5) राज्य सरकार, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा और ऐसे नियंत्रण और निर्देशों के अधीन, जिन्हें वह लागू करना उचित समझे, उप-धारा (4) के तहत अपनी शक्तियां जिला मजिस्ट्रेट को सौंप सकती है।
(6) इस धारा में कुछ भी राज्य सरकार को किसी भी समय लागू कानून के तहत, पुलिस आयुक्त को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की सभी या कोई भी शक्तियाँ प्रदान करने से नहीं रोकेगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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