BNSS धारा 15: विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 2: आपराधिक अदालतों और कार्यालयों का गठन
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15. राज्य सरकार विशिष्ट क्षेत्रों के लिए या कार्य निष्पादन के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट या किसी पुलिस अधिकारी को, जो पुलिस अधीक्षक या समकक्ष रैंक से नीचे का न हो, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में जाने जाने वाले, ऐसे कार्यकाल के लिए नियुक्त कर सकती है, जिसे वह उचित समझे। विशेष कार्य करता है और ऐसे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को ऐसी शक्तियाँ प्रदान करता है जो इस संहिता के तहत कार्यकारी मजिस्ट्रेटों को प्रदत्त हैं, जैसा वह उचित समझे।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 6. आपराधिक न्यायालयों की श्रेणियां
- 7. प्रादेशिक विभाजन
- 8. सत्र न्यायालय
- 9. न्यायिक मजिस्ट्रेटों के न्यायालय
- 10. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आदि
- 11. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
- 12. न्यायिक मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 13. न्यायिक मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 14. कार्यकारी मजिस्ट्रेट
- 16. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 17. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 18. लोक अभियोजक
- 19. सहायक लोक अभियोजक
- 20. अभियोजन निदेशालय