BNSS धारा 19: सहायक लोक अभियोजक
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 2: आपराधिक अदालतों और कार्यालयों का गठन
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19. (1) राज्य सरकार प्रत्येक जिले में मजिस्ट्रेट की अदालतों में अभियोजन चलाने के लिए एक या अधिक सहायक लोक अभियोजकों की नियुक्ति करेगी।
(2) केंद्र सरकार मजिस्ट्रेट की अदालतों में किसी भी मामले या मामलों की श्रेणी के संचालन के उद्देश्य से एक या अधिक सहायक लोक अभियोजकों की नियुक्ति कर सकती है।
(3) उप-धारा (1) और (2) में निहित प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां किसी विशेष मामले के प्रयोजनों के लिए कोई सहायक लोक अभियोजक उपलब्ध नहीं है, जिला मजिस्ट्रेट किसी अन्य व्यक्ति को सहायक लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त कर सकता है। राज्य सरकार को चौदह दिनों का नोटिस देने के बाद उस मामले का प्रभार:
बशर्ते कि कोई भी पुलिस अधिकारी सहायक लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र नहीं होगा, यदि वह-
(ए) उस अपराध की जांच में कोई हिस्सा लिया है जिसके संबंध में आरोपी पर मुकदमा चलाया जा रहा है; या
(बी) इंस्पेक्टर के पद से नीचे है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 6. आपराधिक न्यायालयों की श्रेणियां
- 7. प्रादेशिक विभाजन
- 8. सत्र न्यायालय
- 9. न्यायिक मजिस्ट्रेटों के न्यायालय
- 10. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आदि
- 11. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
- 12. न्यायिक मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 13. न्यायिक मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 14. कार्यकारी मजिस्ट्रेट
- 15. विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट
- 16. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों का स्थानीय क्षेत्राधिकार
- 17. कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की अधीनता
- 18. लोक अभियोजक
- 20. अभियोजन निदेशालय