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TPA धारा 136: न्यायालय से संसक्त आफिसरों की असामर्थ्य

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 8: अनुयोज्य दावों का अंतरण

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136. न्यायालय से संसक्त आफिसरों की असामर्थ्य -

कोई भी न्यायाधीश या विधि-व्यवसायी अथवा कोई भी आफिसर, जो किसी न्यायालय से संसक्त है, किसी अनुयोज्य दावे में किसी अंश था हित का न तो क्रय करेगा, न दुर्व्यापार करेगा, न उसके लिए अनुबन्ध करेगा और न उसे प्राप्त करने के लिए करार करेगा; और न कोई न्यायालय उसकी प्रेरणा पर या उससे `व्युत्पन्न अधिकार के अधीन या द्वारा दावा करने वाले किसी व्यक्ति की प्रेरणा पर ऐसा कोई भी अनुयोज्य दावा प्रवृत्त करेगा जिसके बारे में उसने उपर्युक्त व्यवहार किया है।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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