TPA धारा 134: बंधकीत ऋण
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 8: अनुयोज्य दावों का अंतरण
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134. बंधकीत ऋण-
जहाँ कि ऋण वर्तमान या भावी ऋण को प्रतिभूत करने के प्रयोजन से अन्तरित किया जाता है, वहाँ ऐसे अन्तरित किया गया ऋण यदि अन्तरक द्वारा प्राप्त या अन्तरिती द्वारा वसूल कर लिया जाता है तो वह प्रथमतः ऐसी वसूली के खर्च के चुकाने में और द्वितीयतः उस अन्तरण द्वारा तत्समय प्रतिभूत रकम की तुष्टि में या उस रकम मद्धे उपयोजनीय और अवशिष्टि, यदि कुछ रहे, अन्तरक की या अन्य ऐसे व्यक्ति की होती है जो उसे प्राप्त करने का हकदार है।
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इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 130. अनुयोज्य दावों का अन्तरण
- 130A. समुद्री बीमा अधिनियम, 1963 (1963 का 11) की धारा 92 द्वारा (1-8-1963 से) निरसित।
- 131. सूचना का लिखित और हस्ताक्षरित होना
- 132. अनुयोज्य दावे के अन्तरिती का दायित्व
- 133. ऋणी की शोधन-क्षमता की वारंटी
- 135. अग्नि बीमा पालिसी के अधीन के अधिकारों का समनुदेशन
- 135A. समुद्री बीमा अधिनियम, 1963 (1963 का 11) की धारा 92 द्वारा (1-8-1963) से निरसित।
- 136. न्यायालय से संसक्त आफिसरों की असामर्थ्य
- 137. परक्राम्य लिखतों की व्यावृत्ति