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TPA धारा 132: अनुयोज्य दावे के अन्तरिती का दायित्व

संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 8: अनुयोज्य दावों का अंतरण

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132. अनुयोज्य दावे के अन्तरिती का दायित्व -

अनुयोज्य दावे का अन्तरिती ऐसे दावे को उन सब दायित्वों और साम्याओं के अध्यधीन लेगा जिनके अध्यधीन अन्तरण की तारीख को उस दावे के बारे में था।

दृष्टान्त

(क) ग को क वह ऋण अन्तरित करता है जो ख द्वारा उसे शोध्य है। क उस समय ख का ऋणी है। ख पर ग उस ऋण के लिए वाद लाता है जो क को ख द्वारा शोध्य है। ऐसे वाद में ख वह ऋण मुजरा कराने का हकदार है जो उसके द्वारा शोध्य है, यद्यपि ग ऐसे अन्तरण की तारीख पर उसकी जानकारी नहीं रखता था।

(ख) क ने ख के पक्ष में ऐसी परिस्थितियों में बन्धपत्र का निष्पादन किया जिनमें उसे इस बात का हक था कि वह बन्धपत्र को परिदत्त और रद्द करवा ले। ख बन्धपत्र को ग को, जिसे ऐसी परिस्थितियों की सूचना नहीं है, मूल्यार्थ समनुदिष्ट कर देता है। ग बन्धपत्र को क के विरुद्ध प्रदत्त नहीं करा सकता।

आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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