NI Act धारा 58: विधिविरुद्ध साधनों द्वारा या विधिविरुद्ध प्रतिफलार्थ अभिप्राप्त लिखत

परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 · अध्याय 4: परक्रामण के विषय में

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58. विधिविरुद्ध साधनों द्वारा या विधिविरुद्ध प्रतिफलार्थ अभिप्राप्त लिखत—जब कि परक्राम्य लिखत खो गई है या उसके किसी रचयिता, प्रतिगृहीता या धारक से अपराध या कपट द्वारा या विधिविरुद्ध प्रतिफल के लिए अभिप्राप्त की गई है तब जिस व्यक्ति ने लिखत को पाया था या ऐसे अभिप्राप्त किया था उससे व्युत्पन्न अधिकार से दावा करने वाला कोई कब्जाधारी या पृष्ठांकिती उस पर शोध्य रकम को ऐसे रचयिता, प्रतिगृहीता या धारक से या ऐसे धारक के पूर्विक किसी भी पक्षकार से उस दशा के सिवाय प्राप्त करने का हकदार नहीं है जिसमें कि ऐसा कब्जाधारी या पृष्ठांकिती या वह कोई व्यक्ति जिससे व्युत्पन्न अधिकार से वह दावा करता है, उसका सम्यक्-अनुक्रम-धारक है या था ।

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आधिकारिक संदर्भ: India Code, भारत सरकार — आधिकारिक हिंदी PDF — स्रोत समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026.दर्ज संस्करण / स्नैपशॉट की तारीख: 2026-10-05.आधिकारिक हिंदी PDF से Banaka का संदर्भ प्रतिलेख; प्रमाणित या अलग दिनांकित समेकित संस्करण नहीं। PDF के खराब कॉपी-पेस्ट अक्षर-मानचित्र को उसके फ़ॉन्ट और अक्षर-संयोजन से पुनर्प्राप्त किया गया है। पंक्ति-विन्यास, पादटिप्पणी संकेत और अलग संशोधन टिप्पणियाँ हटाई गई हैं; मूल शब्द, उदाहरण और प्रावधान सुरक्षित हैं। PDF के स्रोत-वर्तनी और विराम-चिह्न अनियमितताएँ बनी हैं। समीक्षा की तारीख संस्करण की तारीख नहीं है। धारा 2 और ऐतिहासिक अनुसूची निरसित हैं। मूल PDF और लागू न्यायिक व्याख्या साथ पढ़ें।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें

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