BSA धारा 28: लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियां कब सुसंगत हैं

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 2: तथ्यों की सुसंगति

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28. कारबार के अनुक्रम में नियमित रूप से रखी गई लेखा-पुस्तकों की प्रविष्टियां, जिनके अन्तर्गत वे भी हैं जो इलेक्ट्रानिक रूप में रखी गई हैं, जब कभी वे ऐसे विषय का निर्देश करती हैं जिसमें न्यायालय को जांच करनी है, सुसंगत हैं, किन्तु अकेले ऐसे कथन ही किसी व्यक्ति को दायित्व से भारित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं होंगे ।

दृष्टांत

ख पर क एक हजार रुपए के लिए वाद लाता है और अपनी लेखा बहियों की वे प्रविष्टियां दर्शित करता है, जिनमें ख को इस रकम के लिए उसका ऋणी दर्शित किया गया है । ये प्रविष्टियां सुसंगत हैं किन्तु ऋण साबित करने के लिए अन्य साक्ष्य के बिना पर्याप्त नहीं हैं ।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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