BNSS धारा 492: बांड और जमानत बांड को रद्द करना

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 35: जमानत और बांड के संबंध में प्रावधान

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492. धारा 491 के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां इस संहिता के तहत एक बांड या जमानत बांड किसी मामले में किसी व्यक्ति की उपस्थिति के लिए है और इसे एक शर्त के उल्लंघन के लिए जब्त कर लिया जाता है,—
(ए) ऐसे व्यक्ति द्वारा निष्पादित बांड और साथ ही उस मामले में उसके एक या अधिक जमानतदारों द्वारा निष्पादित बांड, यदि कोई हो, रद्द कर दिया जाएगा; और
(बी) उसके बाद ऐसे किसी भी व्यक्ति को उस मामले में केवल अपने बांड पर रिहा नहीं किया जाएगा, यदि पुलिस अधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, उपस्थिति के लिए जिसके समक्ष बांड निष्पादित किया गया था, संतुष्ट है कि कोई पर्याप्त कारण नहीं था बांड से बंधे व्यक्ति द्वारा इसकी शर्तों का पालन करने में विफलता के लिए:
बशर्ते कि इस संहिता के किसी भी अन्य प्रावधान के अधीन, उसे उस मामले में पुलिस अधिकारी या न्यायालय जैसे एक या अधिक जमानतदारों द्वारा इतनी धनराशि और बांड के लिए एक नए व्यक्तिगत बांड के निष्पादन पर रिहा किया जा सकता है। हो सकता है, पर्याप्त सोचता हो.

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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