BNSS धारा 479: अधिकतम अवधि जिसके लिए विचाराधीन कैदी को हिरासत में लिया जा सकता है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 35: जमानत और बांड के संबंध में प्रावधान

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479. (1) जहां किसी व्यक्ति ने इस संहिता के तहत जांच, पूछताछ या परीक्षण की अवधि के दौरान किसी भी कानून के तहत अपराध किया है (ऐसा अपराध नहीं है जिसके लिए मौत या आजीवन कारावास की सजा को दंडों में से एक के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) उस कानून के तहत) उस कानून के तहत उस अपराध के लिए निर्दिष्ट कारावास की अधिकतम अवधि के आधे तक की अवधि के लिए हिरासत में रखा गया, उसे अदालत द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा:
बशर्ते कि जहां ऐसा व्यक्ति पहली बार अपराधी है (जिसे अतीत में कभी भी किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया है) उसे अदालत द्वारा बांड पर रिहा कर दिया जाएगा, यदि वह एक तिहाई तक की अवधि के लिए हिरासत में रहा हो। उस कानून के तहत ऐसे अपराध के लिए निर्दिष्ट कारावास की अधिकतम अवधि:
बशर्ते कि अदालत, लोक अभियोजक को सुनने के बाद और उसके द्वारा लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, ऐसे व्यक्ति को उक्त अवधि के आधे से अधिक अवधि के लिए हिरासत में रखने का आदेश दे सकती है या उसे जमानत बांड पर रिहा कर सकती है। उसका बंधन:
बशर्ते कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को किसी भी मामले में जांच, पूछताछ या मुकदमे की अवधि के दौरान उस कानून के तहत उक्त अपराध के लिए प्रदान की गई कारावास की अधिकतम अवधि से अधिक के लिए हिरासत में नहीं लिया जाएगा।
स्पष्टीकरण।—जमानत देने के लिए इस धारा के तहत हिरासत की अवधि की गणना करते समय, आरोपी द्वारा कार्यवाही में देरी के कारण पारित हिरासत की अवधि को बाहर रखा जाएगा।
(2) उपधारा (1) में किसी भी बात के बावजूद, और उसके तीसरे प्रावधान के अधीन, जहां एक व्यक्ति के खिलाफ एक से अधिक अपराध या कई मामलों में जांच, जांच या मुकदमा लंबित है, उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जाएगा। न्यायालय द्वारा.
(3) जेल अधीक्षक, जहां आरोपी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, उप-धारा (1) में उल्लिखित अवधि का आधा या एक तिहाई पूरा होने पर, जैसा भी मामला हो, तुरंत लिखित रूप में एक आवेदन देगा। न्यायालय को ऐसे व्यक्ति की जमानत पर रिहाई के लिए उप-धारा (1) के तहत आगे बढ़ने के लिए कहा जाएगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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