BNSS धारा 481: जमानत के लिए आरोपी को अगले अपीलीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 35: जमानत और बांड के संबंध में प्रावधान

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481. (1) मुकदमे के समापन से पहले और अपील के निपटान से पहले, अपराध की कोशिश करने वाला न्यायालय या अपीलीय न्यायालय, जैसा भी मामला हो, आरोपी को उच्च न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के लिए एक बांड या जमानत बांड निष्पादित करने की आवश्यकता होगी। जब भी ऐसा न्यायालय संबंधित न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर किसी अपील या याचिका के संबंध में नोटिस जारी करता है और ऐसा बांड छह महीने तक लागू रहेगा।
(2) यदि ऐसा आरोपी उपस्थित होने में विफल रहता है, तो बांड जब्त कर लिया जाएगा और धारा 491 के तहत प्रक्रिया लागू होगी।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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