BNSS धारा 487: हिरासत से मुक्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 35: जमानत और बांड के संबंध में प्रावधान

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487. (1) जैसे ही बांड या जमानत बांड निष्पादित किया जाता है, जिस व्यक्ति की उपस्थिति के लिए इसे निष्पादित किया गया है उसे रिहा कर दिया जाएगा; और, जब वह जेल में है, तो उसे जमानत देने वाली अदालत जेल के प्रभारी अधिकारी को रिहाई का आदेश जारी करेगी, और आदेश प्राप्त होने पर ऐसा अधिकारी उसे रिहा कर देगा।
(2) इस धारा, धारा 478 या धारा 480 में किसी भी बात को किसी ऐसे व्यक्ति की रिहाई की आवश्यकता नहीं माना जाएगा, जिसके संबंध में बांड या जमानत बांड निष्पादित किए जाने के अलावा किसी अन्य मामले के लिए हिरासत में लिया जा सकता है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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