BNSS धारा 489: ज़मानतदारों का उन्मोचन

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 35: जमानत और बांड के संबंध में प्रावधान

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489. (1) जमानत पर रिहा किए गए व्यक्ति की उपस्थिति और हाज़िरी के लिए सभी या कोई भी ज़मानत किसी भी समय मजिस्ट्रेट को बांड का निर्वहन करने के लिए आवेदन कर सकती है, या तो पूरी तरह से या जहां तक आवेदकों से संबंधित है।
(2) ऐसा आवेदन किए जाने पर, मजिस्ट्रेट उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी करेगा और निर्देश देगा कि इस प्रकार रिहा किए गए व्यक्ति को उसके सामने लाया जाए।
(3) वारंट के अनुसार ऐसे व्यक्ति की उपस्थिति पर, या उसके स्वैच्छिक आत्मसमर्पण पर, मजिस्ट्रेट बांड को पूरी तरह से या जहां तक आवेदकों से संबंधित है, चुकाने का निर्देश देगा, और ऐसे व्यक्ति को अन्य पर्याप्त विकल्प ढूंढने के लिए कहेगा। ज़मानत, और, यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे जेल भेजा जा सकता है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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