BNSS धारा 457: कारावास का स्थान नियुक्त करने की शक्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 34: निष्पादन, निलंबन, छूट और सजा में कमी

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457. (1) उस समय लागू किसी भी कानून द्वारा अन्यथा प्रदान किए जाने के अलावा, राज्य सरकार यह निर्देश दे सकती है कि इस संहिता के तहत कैद या हिरासत में लिए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किस स्थान पर कैद किया जाएगा।
(2) यदि इस संहिता के तहत कैद या हिरासत में लिए जाने योग्य कोई भी व्यक्ति सिविल जेल में कैद है, तो कारावास या कैद का आदेश देने वाला न्यायालय या मजिस्ट्रेट निर्देश दे सकता है कि उस व्यक्ति को आपराधिक जेल में भेज दिया जाए।
(3) जब किसी व्यक्ति को उप-धारा (2) के तहत आपराधिक जेल में डाल दिया जाता है, तो उसे वहां से रिहा होने पर, सिविल जेल में वापस भेज दिया जाएगा, जब तक कि ऐसा न हो।
(ए) उसे आपराधिक जेल से हटाए जाने के तीन साल बीत चुके हैं, ऐसी स्थिति में उसे सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 58 के तहत सिविल जेल से रिहा किया गया माना जाएगा; या
(बी) जिस न्यायालय ने उसे सिविल जेल में कैद करने का आदेश दिया था, उसने आपराधिक जेल के प्रभारी अधिकारी को प्रमाणित किया है कि वह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 58 के तहत रिहाई का हकदार है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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