BNSS धारा 468: कारावास की सजा के विरुद्ध अभियुक्त द्वारा बिताई गई हिरासत की अवधि को समाप्त किया जाएगा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 34: निष्पादन, निलंबन, छूट और सजा में कमी

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468. जहां किसी आरोपी व्यक्ति को दोषसिद्धि पर एक अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई गई है, जो जुर्माने का भुगतान न करने पर कारावास नहीं है, हिरासत की अवधि, यदि कोई हो, जांच, जांच या परीक्षण के दौरान उसके द्वारा भोगी गई है। मामले में और ऐसी दोषसिद्धि की तारीख से पहले, ऐसी दोषसिद्धि पर उस पर लगाए गए कारावास की अवधि के विरुद्ध मुजरा कर दिया जाएगा, और ऐसे दोषसिद्धि पर कारावास भुगतने के लिए ऐसे व्यक्ति का दायित्व अवधि के शेष, यदि कोई हो, तक सीमित किया जाएगा। उस पर लगाए गए कारावास की सजा:
बशर्ते कि धारा 475 में निर्दिष्ट मामलों में, हिरासत की ऐसी अवधि उस धारा में निर्दिष्ट चौदह वर्ष की अवधि के विरुद्ध निर्धारित की जाएगी।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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