RTI जवाब की अवधि और अपवाद
सामान्य 30 दिन, जीवन या स्वतंत्रता के 48 घंटे, अंतरण और अतिरिक्त शुल्क के समय का प्रभाव समझें।
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स्रोत जाँच और अद्यतन: 30 सितंबर 2026 · मूल हिंदी व्याख्या, शब्दशः अधिनियम पाठ नहीं।
सामान्य अवधि प्राप्ति से जुड़ी है
धारा 7(1) में यथाशीघ्र और सामान्यतः अनुरोध प्राप्त होने के 30 दिन में निर्णय का प्रावधान है। किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित सूचना के लिए 48 घंटे हैं। केवल ‘अत्यावश्यक’ लिख देने से यह अपवाद स्थापित नहीं होता।
सहायक PIO को आवेदन देने पर धारा 5(2) के अनुसार धारा 7(1) की जवाब अवधि की गणना में पाँच दिन जुड़ते हैं। मसौदा लिखने की तारीख ही नहीं, वास्तविक माध्यम और प्राप्ति का प्रमाण रखें।
गणना को प्रभावित करने वाली घटनाएँ
धारा 6(3) के तहत दूसरे लोक प्राधिकरण को पाँच दिन में अंतरण हो सकता है। अंतरण और प्राप्ति के प्रमाण रखें। धारा 7(3) में अतिरिक्त शुल्क नोटिस भेजने और भुगतान के बीच का समय धारा 7(1) की गणना से बाहर है।
धारा 11 की तीसरे पक्ष प्रक्रिया में नोटिस व अभ्यावेदन और प्राप्ति से 40 दिन की निर्णय अवधि है। धारा 24 से छूट प्राप्त संगठनों के मानवाधिकार आरोप संबंधी मामलों में आयोग की अनुमति तथा 45 दिन का प्रावधान है। इन्हें सामान्य 30 दिन के अनुमान से न जाँचें।
जवाब न मिलना और अपील
धारा 7(2) में लागू अवधि में निर्णय न देना मानी हुई अस्वीकृति है। धारा 19(1) के तहत अवधि समाप्त होने या निर्णय प्राप्त होने से 30 दिन में प्रथम अपील की जा सकती है; पर्याप्त कारण पर देरी स्वीकार हो सकती है।
धारा 19(6) के अनुसार प्रथम अपील का निपटारा 30 दिन में या लिखित कारण के साथ अधिकतम 45 दिन में होना चाहिए। धारा 19(3) में दूसरी अपील की सामान्य अवधि 90 दिन है। सही अंतिम तारीख के लिए मामले की घटनाओं और प्राप्ति प्रमाण की जाँच जरूरी हो सकती है।
जाँच सूची
- विभाग की प्राप्ति का प्रमाण रखें।
- सहायक PIO और अंतरण नोट करें।
- शुल्क नोटिस भेजने व भुगतान की तारीख रखें।
- देरी का दावा करने से पहले विशेष प्रक्रिया जाँचें।
अपनी समझ जाँचें
सामान्य धारा 7(1) अवधि का आधार क्या है?