BNSS धारा 376: प्रक्रिया जहां विकृत दिमाग वाले कैदी को अपना बचाव करने में सक्षम बताया जाता है

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 27: विक्षिप्त मानसिकता के आरोपी व्यक्तियों के संबंध में प्रावधान

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376. यदि किसी व्यक्ति को धारा 369 की उपधारा (2) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है, और जेल में बंद व्यक्ति के मामले में, जेल महानिरीक्षक, या, हिरासत में लिए गए व्यक्ति के मामले में एक सार्वजनिक मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के तहत गठित मानसिक स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड यह प्रमाणित करेगा कि, उनकी राय में, ऐसा व्यक्ति अपना बचाव करने में सक्षम है, उसे मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष ले जाया जाएगा। मामला, ऐसे समय पर हो सकता है जब मजिस्ट्रेट या न्यायालय नियुक्त करता है, और मजिस्ट्रेट या न्यायालय धारा 371 के प्रावधानों के तहत ऐसे व्यक्ति से निपटेगा; और उपरोक्तानुसार ऐसे महानिरीक्षक या आगंतुकों का प्रमाणपत्र साक्ष्य के रूप में प्राप्य होगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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