BNSS धारा 370: पूछताछ या मुकदमा फिर से शुरू करना

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 27: विक्षिप्त मानसिकता के आरोपी व्यक्तियों के संबंध में प्रावधान

अन्य भाषाओं में भी: English

370. (1) जब भी धारा 367 या धारा 368 के तहत कोई जांच या मुकदमा स्थगित किया जाता है, तो मजिस्ट्रेट या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, संबंधित व्यक्ति के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के बाद किसी भी समय जांच फिर से शुरू कर सकता है। या परीक्षण और अभियुक्त को ऐसे मजिस्ट्रेट या न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने या लाए जाने की आवश्यकता होती है।
(2) जब आरोपी को धारा 369 के तहत रिहा कर दिया गया है, और उसकी उपस्थिति के लिए जमानतदार उसे उस अधिकारी के सामने पेश करते हैं जिसे मजिस्ट्रेट या न्यायालय इस संबंध में नियुक्त करता है, तो ऐसे अधिकारी का प्रमाण पत्र होगा कि आरोपी अपना बचाव करने में सक्षम है। साक्ष्य में प्राप्य.

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ