BNSS धारा 282: समन-मामलों को वारंट-मामलों में परिवर्तित करने की न्यायालय की शक्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 21: मजिस्ट्रेटों द्वारा समन-मामलों का परीक्षण

अन्य भाषाओं में भी: English

282. जब छह महीने से अधिक की अवधि के कारावास से दंडनीय अपराध से संबंधित समन-मामले की सुनवाई के दौरान, मजिस्ट्रेट को यह प्रतीत होता है कि न्याय के हित में, प्रक्रिया के अनुसार अपराध की सुनवाई की जानी चाहिए वारंट-मामलों की सुनवाई के लिए, ऐसा मजिस्ट्रेट वारंट-मामलों की सुनवाई के लिए इस संहिता द्वारा प्रदान किए गए तरीके से मामले की फिर से सुनवाई के लिए आगे बढ़ सकता है और किसी भी गवाह को वापस बुला सकता है, जिसकी जांच की गई हो।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ