BNSS धारा 274: आरोप का सार बताया जाना चाहिए

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 21: मजिस्ट्रेटों द्वारा समन-मामलों का परीक्षण

अन्य भाषाओं में भी: English

274. जब किसी सम्मन मामले में अभियुक्त मजिस्ट्रेट के सामने पेश होता है या लाया जाता है, तो जिस अपराध का उस पर आरोप लगाया गया है उसका विवरण उसे बताया जाएगा, और उससे पूछा जाएगा कि क्या वह दोषी मानता है या उसके पास कोई बचाव करने के लिए है, लेकिन औपचारिक आरोप तय करना जरूरी नहीं होगा:
बशर्ते कि यदि मजिस्ट्रेट आरोप को निराधार मानता है, तो वह लिखित में कारण दर्ज करने के बाद, आरोपी को रिहा कर देगा और ऐसी रिहाई का प्रभाव मुक्ति के रूप में होगा।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

इस अध्याय की अन्य धाराएँ