BNSS धारा 280: शिकायत वापस लेना
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 21: मजिस्ट्रेटों द्वारा समन-मामलों का परीक्षण
अन्य भाषाओं में भी: English
280. यदि कोई शिकायतकर्ता, इस अध्याय के तहत किसी भी मामले में अंतिम आदेश पारित होने से पहले किसी भी समय, मजिस्ट्रेट को संतुष्ट करता है कि उसे आरोपी के खिलाफ अपनी शिकायत वापस लेने की अनुमति देने के लिए पर्याप्त आधार हैं, या यदि एक से अधिक आरोपी हैं, उनमें से सभी या किसी के खिलाफ, मजिस्ट्रेट उसे इसे वापस लेने की अनुमति दे सकता है, और उसके बाद उस आरोपी को बरी कर देगा जिसके खिलाफ शिकायत वापस ले ली गई है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 274. आरोप का सार बताया जाना चाहिए
- 275. दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
- 276. छोटे मामलों में आरोपी की अनुपस्थिति में दोषी होने की दलील पर सजा
- 277. दोषी न ठहराए जाने पर प्रक्रिया
- 278. दोषमुक्ति या दोषसिद्धि
- 279. शिकायतकर्ता की गैर-उपस्थिति या मृत्यु
- 281. कुछ मामलों में कार्यवाही रोकने की शक्ति
- 282. समन-मामलों को वारंट-मामलों में परिवर्तित करने की न्यायालय की शक्ति