BNSS धारा 281: कुछ मामलों में कार्यवाही रोकने की शक्ति

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 21: मजिस्ट्रेटों द्वारा समन-मामलों का परीक्षण

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281. शिकायत के अलावा किसी अन्य प्रकार से शुरू किए गए किसी भी समन मामले में, प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व मंजूरी के साथ, कोई अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उसके द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों से, कार्यवाही को रोक सकता है। किसी भी चरण में बिना कोई निर्णय सुनाए और जहां मुख्य गवाहों के साक्ष्य दर्ज होने के बाद कार्यवाही को रोका जाता है, तो बरी करने का निर्णय सुनाएं, और किसी अन्य मामले में, आरोपी को रिहा कर दें, और ऐसी रिहाई का प्रभाव उन्मोचन के रूप में होगा .

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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