BNSS धारा 272: शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 20: मजिस्ट्रेटों द्वारा वारंट-मामलों का परीक्षण
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272. जब कार्यवाही शिकायत पर शुरू की गई है, और मामले की सुनवाई के लिए तय किए गए किसी भी दिन, शिकायतकर्ता अनुपस्थित है, और अपराध कानूनी रूप से समझौता किया जा सकता है या एक संज्ञेय अपराध नहीं है, तो मजिस्ट्रेट तीस दिन का समय दे सकता है। शिकायतकर्ता को उपस्थित होने का समय, अपने विवेक से, यहां पहले कुछ भी निहित होने के बावजूद, आरोप तय होने से पहले किसी भी समय, आरोपी को बरी कर दें।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 261. धारा 230 का अनुपालन
- 262. जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा
- 263. आरोप तय करना
- 264. दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
- 265. अभियोजन के लिए साक्ष्य
- 266. बचाव के लिए साक्ष्य
- 267. अभियोजन के लिए साक्ष्य
- 268. जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा
- 269. प्रक्रिया जहां आरोपी को बरी नहीं किया जाता है
- 270. बचाव के लिए साक्ष्य
- 271. दोषमुक्ति या दोषसिद्धि
- 273. उचित कारण के बिना आरोप के लिए मुआवजा