BNSS धारा 267: अभियोजन के लिए साक्ष्य
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 20: मजिस्ट्रेटों द्वारा वारंट-मामलों का परीक्षण
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267. (1) जब, पुलिस रिपोर्ट के अलावा किसी अन्य वारंट-मामले में, आरोपी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होता है या लाया जाता है, तो मजिस्ट्रेट अभियोजन की सुनवाई के लिए आगे बढ़ेगा और ऐसे सभी साक्ष्य लेगा जो समर्थन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं अभियोजन.
(2) मजिस्ट्रेट, अभियोजन पक्ष के आवेदन पर, उसके किसी भी गवाह को उपस्थित होने या कोई दस्तावेज़ या अन्य चीज़ पेश करने का निर्देश देने के लिए एक सम्मन जारी कर सकता है।
यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।
इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 261. धारा 230 का अनुपालन
- 262. जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा
- 263. आरोप तय करना
- 264. दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
- 265. अभियोजन के लिए साक्ष्य
- 266. बचाव के लिए साक्ष्य
- 268. जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा
- 269. प्रक्रिया जहां आरोपी को बरी नहीं किया जाता है
- 270. बचाव के लिए साक्ष्य
- 271. दोषमुक्ति या दोषसिद्धि
- 272. शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति
- 273. उचित कारण के बिना आरोप के लिए मुआवजा