BNSS धारा 268: जब आरोपी को बरी कर दिया जाएगा

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 20: मजिस्ट्रेटों द्वारा वारंट-मामलों का परीक्षण

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268. (1) यदि, धारा 267 में निर्दिष्ट सभी साक्ष्यों को लेने पर, मजिस्ट्रेट दर्ज किए जाने वाले कारणों से यह मानता है कि अभियुक्त के खिलाफ कोई मामला नहीं बनाया गया है, जिसका खंडन न किए जाने पर उसे दोषी ठहराया जा सकता है, तो मजिस्ट्रेट उसे छुट्टी दे दी जाएगी।
(2) इस धारा में ऐसा कुछ भी नहीं माना जाएगा जो किसी मजिस्ट्रेट को मामले के किसी भी पिछले चरण में आरोपी को रिहा करने से रोकता है, यदि ऐसे मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए जाने वाले कारणों से, वह आरोप को आधारहीन मानता है।

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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