BNSS धारा 213: सत्र न्यायालय द्वारा अपराधों का संज्ञान

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 · अध्याय 15: कार्यवाही शुरू करने के लिए आवश्यक शर्तें

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213. इस संहिता या तत्समय लागू किसी अन्य कानून द्वारा अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रदान किए जाने के अलावा, कोई भी सत्र न्यायालय मूल अधिकार क्षेत्र के न्यायालय के रूप में किसी भी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा, जब तक कि मामला किसी मजिस्ट्रेट द्वारा उसे सौंपा न गया हो। यह संहिता.

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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