BNS अध्याय 17: सम्पत्ति के विरुद्ध अपराधों के विषय में
अन्य भाषाओं में भी: English
- धारा 303. चोरी
- धारा 304. झपटमारी
- धारा 305. निवास-गृह, यातायात के साधन या पूजा स्थल आदि मैं चोरी
- धारा 306. लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में सम्पति की चोरी
- धारा 307. चोरी करने के लिए मृत्यु, उपहति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी
- धारा 308. उद्दापन
- धारा 309. लूट
- धारा 310. डकैती
- धारा 311. मृत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती
- धारा 312. घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न
- धारा 313. लुटेरों, आदि की टोली का होने के लिए दण्ड
- धारा 314. सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग
- धारा 315. ऐसी सम्पत्ति का बेईमानी से दुर्विनियोग, जो मृत व्यक्ति की मृत्यु के समय उसके कब्जे में थी
- धारा 316. आपराधिक न्यासभंग
- धारा 317. चुराई हुई संपत्ति
- धारा 318. छल
- धारा 319. प्रतिरूपण द्वारा छल
- धारा 320. लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना
- धारा 321. ऋण को लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करना
- धारा 322. अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन
- धारा 323. सम्पत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाया जाना
- धारा 324. रिष्टि
- धारा 325. जीव-जन्तु को वध करने या उसे विकलांग करने द्वारा रिष्टि
- धारा 326. क्षति, जलप्लावन, अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा रिष्टि
- धारा 327. रेल, वायुयान, तल्लायुक्त या बीस टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या सापद बनाने के आशय से रिष्टि
- धारा 328. चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दंड
- धारा 329. आपराधिक अतिचार और गृह-अतिचार
- धारा 330. गृह-अतिचार और गृह-भेदन
- धारा 331. गृह-अतिचार या गृह-भेदन के लिए दंड
- धारा 332. अपराध को करने के लिए गृह-अतिचार
- धारा 333. उपहति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् गृह-अतिचार
- धारा 334. ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना