विक्रय, बंधक, पट्टा, विनिमय और दान की तुलना
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पहले अंतरित हित पहचानें, फिर प्रतिफल और औपचारिकता देखें। यह सारणी अध्ययन के लिए है, विलेख या फीस तय करने के लिए नहीं।
विक्रय
- हित
- स्वामित्व
- प्रतिफल
- संदत्त या वचनबद्ध कीमत
- औपचारिकताएँ
- धारा 54 की विक्रय-रीति; रजिस्ट्रीकरण/राज्य नियम देखें
बंधक
- हित
- दायित्व की प्रतिभूति का हित
- प्रतिफल
- परिभाषित ऋण/दायित्व की प्रतिभूति
- औपचारिकताएँ
- धारा 59; हक-विलेख निक्षेप अपवाद और बंधक-प्रकार महत्त्वपूर्ण
पट्टा
- हित
- संपत्ति के उपभोग का अधिकार
- प्रतिफल
- प्रीमियम, भाटक या अन्य निर्दिष्ट मूल्य
- औपचारिकताएँ
- धारा 107; अवधि/वार्षिक भाटक और लागू विधि
विनिमय
- हित
- पारस्परिक स्वामित्व-अंतरण
- प्रतिफल
- दूसरी वस्तु; धारा 118 की धन संबंधी शर्त देखें
- औपचारिकताएँ
- संबंधित संपत्ति के विक्रय के लिए विहित रीति
दान
- हित
- विद्यमान संपत्ति का स्वेच्छिक अंतरण
- प्रतिफल
- प्रतिफल के बिना, अपेक्षित प्रतिग्रहण के साथ
- औपचारिकताएँ
- धारा 123 लिखत/अनुप्रमाणन या परिदान; धारा 129 की व्यावृत्तियाँ
नाम नहीं, कानूनी प्रभाव देखें
विक्रय में कीमत वचनबद्ध भी हो सकती है; इससे वह दान नहीं बनता। बंधक में प्रतिभूति और मोचन के प्रश्न हैं; पट्टे में उपभोग का अधिकार है। विनिमय की पूर्णता में विक्रय-रीति लागू होती है। दान में प्रतिग्रहण और धारा 129 की व्यावृत्तियाँ पढ़ना महत्त्वपूर्ण है।
लिखत, हक, राज्य संशोधन और अन्य कानून परिणाम बदल सकते हैं। यह तुलना वास्तविक सौदे को वर्गीकृत या स्वीकृत नहीं करती।
संविदा कानून से संबंध
क्षमता, सहमति और वैध उद्देश्य के लिए भारतीय संविदा अधिनियम के उपलब्ध अंग्रेज़ी पाठ देखें। हिंदी ICA पाठ अभी उपलब्ध नहीं है।
मौलिक शैक्षिक व्याख्या और काल्पनिक उदाहरण; यह व्यक्तिगत कानूनी सलाह या संपत्ति के हक की जाँच नहीं है।
कानूनी पाठ का आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ