TPA धारा 122: 'दान' की परिभाषा
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 · अध्याय 7: दान
अध्याय मार्गदर्शक पढ़ें और अभ्यास करें →
अन्य भाषाओं में भी: English
122. 'दान' की परिभाषा-
'दान' किसी वर्तमान जंगम या स्थावर सम्पत्ति का यह अन्तरण है, जो एक व्यक्ति द्वारा, जो दाता कहलाता है, दूसरे व्यक्ति को, जो आदाता कहलाता है स्वेच्छया और प्रतिफल के बिना किया गया हो और आदाता द्वारा या की ओर से प्रतिगृहीत किया गया हो।
प्रतिग्रहणकबकरनाहोगा- ऐसा प्रतिग्रहण दाता के जीवन काल में और जब तक वह देने के लिए समर्थ हो, करना होगा।
यदि प्रतिग्रहण करने से पहले आदाता की मृत्यु हो जाती है तो दान शून्य हो जाता है।
आधिकारिक संदर्भ: भारत सरकार का हिंदी संदर्भ पाठ — जाँच की तारीख: 30 सितंबर 2026.अध्ययन के लिए Banaka का संपादित हिंदी पाठ, आधिकारिक समेकित संस्करण नहीं। पठनीय कानूनी HTML और सरकारी हिंदी संदर्भ से तैयार किया गया है; संख्या और संदर्भ की त्रुटियाँ सुधारी गई हैं। यह केंद्रीय पाठ है; राज्य संशोधन, क्षेत्रीय अधिसूचनाएँ और अन्य लागू कानून अलग देखें। जाँच की तारीख स्रोत-संस्करण की तारीख नहीं है।मूल अनुसूची और संशोधन टिप्पणियाँ देखें
यह पाठ केवल संदर्भ के लिए है, कानूनी सलाह नहीं। प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।