HSA धारा 29: वारिसों का अभाव
हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 · अध्याय 2: निर्वसीयती उत्तराधिकार
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¶29. वारिसों का अभाव—यदि निर्वसीयत ऐसा कोई वारिस पीछे न छोड़े जो उसकी सम्पत्ति को इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार उत्तराधिकार में पाने के लिए अर्ह हो तो ऐसी सम्पत्ति सरकार को न्यागत होगी और सरकार ऐसी सम्पत्ति को उन सब बाध्यताओं और दायित्वों के अध्यधीन लेगी जिनके अध्यधीन वारिस होता ।
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इस अध्याय की अन्य धाराएँ
- 5. अधिनियम का कुछ सम्पत्तियों को लागू न होना
- 6. सहदायिकी सम्पत्ति में के हित का न्यागमन
- 7. तरवाड, तावषि, कुटुम्ब, कवरु या इल्लम् की सम्पत्ति में हित का न्यागमन
- 8. पुरुष की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- 9. अनुसूची में के वारिसों के बीच उत्तराधिकार का क्रम
- 10. अनुसूची के वर्ग 1 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- 11. अनुसूची के वर्ग 2 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- 12. गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार का क्रम
- 13. डिग्रियों की संगणना
- 14. हिन्दू नारी की सम्पत्ति उसकी आत्यंतिकतः अपनी सम्पत्ति होगी
- 15. हिन्दू नारी की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- 16. हिन्दू नारी के वारिसों में उत्तराधिकार का क्रम और वितरण की रीति
- 17. मरुमक्कत्तायम् और अलियसन्तान विधियों द्वारा शासित व्यक्तियों के विषय में विशेष उपबन्ध
- 18. पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान प्राप्त है
- 19. दो या अधिक वारिसों के उत्तराधिकार का ढंग
- 20. गर्भ स्थित अपत्य का अधिकार
- 21. सम-सामयिक मृत्युओं के विषय में उपधारणा
- 22. कुछ दशाओं में सम्पत्ति अर्जित करने का अधिमानी अधिकार
- 23. [निवास-गृह के बारे में विशेष उपबन्ध
- 24. [पुनर्विवाह करने वाली कुछ विधवाएं विधवा होने के नाते विरासत प्राप्त न कर सकेंगी]
- 25. हत्या करने वाला निरर्हित होगा
- 26. संपरिवर्तितों के वंशज निरर्हित होंगे
- 27. उत्तराधिकार जबकि वारिस निरर्हित हो
- 28. रोग, त्रुटि आदि से निरर्हता न होगी