HSA: अध्याय 2: निर्वसीयती उत्तराधिकार
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- धारा 5. अधिनियम का कुछ सम्पत्तियों को लागू न होना
- धारा 6. सहदायिकी सम्पत्ति में के हित का न्यागमन
- धारा 7. तरवाड, तावषि, कुटुम्ब, कवरु या इल्लम् की सम्पत्ति में हित का न्यागमन
- धारा 8. पुरुष की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- धारा 9. अनुसूची में के वारिसों के बीच उत्तराधिकार का क्रम
- धारा 10. अनुसूची के वर्ग 1 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- धारा 11. अनुसूची के वर्ग 2 में के वारिसों में सम्पत्ति का वितरण
- धारा 12. गोत्रजों और बन्धुओं में उत्तराधिकार का क्रम
- धारा 13. डिग्रियों की संगणना
- धारा 14. हिन्दू नारी की सम्पत्ति उसकी आत्यंतिकतः अपनी सम्पत्ति होगी
- धारा 15. हिन्दू नारी की दशा में उत्तराधिकार के साधारण नियम
- धारा 16. हिन्दू नारी के वारिसों में उत्तराधिकार का क्रम और वितरण की रीति
- धारा 17. मरुमक्कत्तायम् और अलियसन्तान विधियों द्वारा शासित व्यक्तियों के विषय में विशेष उपबन्ध
- धारा 18. पूर्णरक्त को अर्धरक्त पर अधिमान प्राप्त है
- धारा 19. दो या अधिक वारिसों के उत्तराधिकार का ढंग
- धारा 20. गर्भ स्थित अपत्य का अधिकार
- धारा 21. सम-सामयिक मृत्युओं के विषय में उपधारणा
- धारा 22. कुछ दशाओं में सम्पत्ति अर्जित करने का अधिमानी अधिकार
- धारा 23. [निवास-गृह के बारे में विशेष उपबन्ध
- धारा 24. [पुनर्विवाह करने वाली कुछ विधवाएं विधवा होने के नाते विरासत प्राप्त न कर सकेंगी]
- धारा 25. हत्या करने वाला निरर्हित होगा
- धारा 26. संपरिवर्तितों के वंशज निरर्हित होंगे
- धारा 27. उत्तराधिकार जबकि वारिस निरर्हित हो
- धारा 28. रोग, त्रुटि आदि से निरर्हता न होगी
- धारा 29. वारिसों का अभाव
केवल संदर्भ के लिए; कानूनी सलाह नहीं। आधिकारिक स्रोत (PDF) →