BSA धारा 133: साक्ष्य देने के लिए स्वयंमेव उद्यत होने से विशेषाधिकार अभित्यक्त नहीं हो जाता

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 · अध्याय 9: साक्षियों के विषय में

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133. यदि किसी वाद का कोई साक्ष्य स्वप्रेरणा से ही या अन्यथा उसमें साक्ष्य देता है तो यह न समझा जाएगा कि एतददवारा उसने ऐसे प्रकटन के लिए, जैसा धारा 32 में वर्णित है, सम्मति दे दी है, तथा यदि किसी वाद या कार्यवाही का कोई पक्षकार ऐसे किसी अधिवक्ता को साक्षी के रूप में बुलाता है, तो यह कि उसने ऐसे प्रकटन के लिए अपनी सम्मति दे दी है केवल तभी समझा जाएगा, जबकि वह ऐसे अधिवक्ता से उन बातों के बारे में प्रश्न करे, जिनके प्रकटन के लिए वह ऐसे प्रश्नों के अभाव में स्वाधीन न होता |

यह संदर्भ के लिए अधिनियम का पाठ है, 1 जुलाई 2024 तक अद्यतन। यह कानूनी सलाह नहीं है; प्रामाणिक पाठ के लिए आधिकारिक राजपत्र देखें।

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